परिसर में उपलब्ध सुविधाएं

अध्येताओं को परिसर में स्थित छोटे बंगलों में यथोचित सुसज्जित नि:शुल्क आवास सुविधा प्रदान की जाती है। हाल ही में कुछ आवासों का जीर्णोंद्धार किया गया है तथा उन्हें आरामदायक और गर्म रखने का प्रावधान भी किया गया है। संस्थान की ईपीएबीएक्स के माध्यम से जहां भी संभव हो दूरभाष सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त सभी अध्येताओं को निम्नलिखित सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं:-
> एक अध्ययन जो उन्हें एक या दो अन्य अध्येताओं के साथ साझा करना होता है।
> कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधाएं]
> आवश्यक कागज-लेखन आदि सामग्री।

पुस्तकालय

संस्थान का पुस्तकालय देश में सबसे बेहतरीन पुस्तकालयों में से एक है। इसे आरसी मजूमदार, अब्दुल मजीद खान, एच.सी. रे चौधरी और अजीत घोष के साथ-साथ सर तेज बहादुर सप्रू जैसे प्रख्यात विद्वानों के निजी संग्रह को प्राप्त कर समृद्ध बनाया गया है। 55 वर्षों की अवधि में विकसित, पुस्तकालय में वर्तमान में पुस्तकों, पत्रिकाओं, माइक्रोफिल्मों और अन्य दस्तावेजों के 1.50 लाख से अधिक संस्करणों का संग्रह है। इसके अलावा, संस्थान के प्रकाशनों का एक अलग संग्रह है, जहाँ संस्थान की हाल ही में प्रकाशित पुस्तकें रखी जाती हैं। पुस्तकालय को मुख्य रूप से दर्शनशास्त्र, धर्म, ललित कला, सामाजिक-भाषा विज्ञान, मनो-भाषा विज्ञान, सामाजिक और सांस्कृतिक नृविज्ञान, सामाजिक-आर्थिक योजना और विकास, तृतीय विश्व अर्थशास्त्र, प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति और आधुनिक भारतीय इतिहास, राजनीति, समाज और अर्थव्यवस्था आदि विषयों की पुस्तकों से विकसित किया गया है। पत्रिकाओं के ‘पिछले अंकों' के संग्रह को उपयोगकर्ताओं द्वारा उच्च दर्जा प्रदान किया गया है। पुस्तकालय के प्रमुख गृह संचयन को कम्प्यूटरीकृत किया गया है और पुस्तकों से संबंधित डेटाबेस को डेलनेट के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। पुस्तकालय उपयोगकर्ताओं के लिए इंटरनेट सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। आशा है की जाती है कि संस्थान का पुस्तकालय, देश में मानविकी और सामाजिक विज्ञान के विद्वानों के लिए सबसे अच्छा संग्रह सिद्ध होगा।

उद्यान

संस्थान परिसर में बहुत सुंदर और बड़ा उद्यान है जिसमें विभिन्न प्रकार के फूल] पौधे और पेड़ हैं। यह शायद दुनिया के सबसे ऊँचाई वाले भू-दृश्य में स्थित उद्यानों में से एक है। उद्यान काफी हद तक बारिश के पानी पर निर्भर है। संस्थान वर्षा जल का संचयन करता है जिसका उपयोग बगीचों की सिंचाई के लिए वर्ष भर किया जाता है। उद्यान में तीन नर्सरियाँ हैं जिनमें कुछ दुर्लभ हिमालयी पौधे लगाए गए हैं। इस क्षेत्र में सबसे सुंदर और अच्छी तरह से विकसित उद्यान होने के कारण शिमला स्थित सेज़ संस्था द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में संस्थान का उद्यान ट्राफियां जीत रहा है। संस्थान बगीचे को एक 'हिमालयन बॉटनिकल गार्डन' के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है, जिसमें कुछ दुर्लभ और विदेशी पौधे उगाए जाएंगे।

एनकेएन कैंपस नेटवर्क

संस्थान के अध्येता, सह-अध्येता, अधिकारी/कर्मचारी और आगंतुक अब परिसर में कहीं पर भी वेब तक पहुँचने और संसाधन संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान का लाभ ले सकते हैं। राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN) द्वारा उपलब्ध कराए गए ब्रॉडबैंड कनेक्शन के माध्यम से 100 से अधिक पीसी और दो हाई-एंड सर्वर इंटरनेट से जुड़े हैं। कनेक्टिविटी को हाल ही में करांची लाइन (आइयूसी एसोसिएट्स हॉस्टल) फेलोज मेस और सिद्धार्थ विहार गेस्ट हाउस तक बढ़ाया गया है।

औषधालय

संस्थान में एक औषधालय है जहाँ एक आवासी चिकित्सा अधिकारी तथा फार्मसिस्ट सेवारत हैं। औषधालय में संस्थान के अध्येताओं] सह-अध्येताओं, अधिकारियों/कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को आवश्यक स्वस्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

खेल परिसर

मनोरंजन और स्वस्थ्य रहने तथा प्रस्पर बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देने के लिए] संस्थान में एक खेल परिसर है जहाँ बिलियर्ड्स] बैडमिंटन] टेबल टेनिस और कैरम आदि खेलने की सुविधा है। संस्थान में आने वाले अध्येता] सह-अध्येता, अधिकारी/कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य इन सुविधाओं का उपयोग करते हैं।

फायर स्टेशन कैफे

संस्थान ने पुराने फायर स्टेशन का जीर्णोद्धार कर उसे बुक-कम-सोविनर–कम-कॉफी शॉप में परिवर्तित किया गया है। पुराने स्विमिंग पूल को पूल थिएटर और अनुपयोगी स्क्वैश कोर्ट को फोटो गैलरी में बदल दिया गया है। चूंकि यह उपेक्षा की स्थिति में था इसलिए फायर स्टेशन को कलात्मक रूप से देकर उसी थीम पर कैफे में बदल दिया गया। यहाँ एक ओर कैफे है तथा दूसरी तरफ बिक्री के लिए किताबें और सोविनर रखे गए हैं। कैफे की तीन दीवारों को तीन विषयों- देश का विभाजन]वाइसरीगल लॉज का इतिहास और ब्रिटिश राज से संबन्धित चित्र लगाए गए हैं। इन दीवारों पर महात्मा गांधी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के कुछ दुर्लभ चित्र हैं। छोटे पूल थिएटर की विरासत की भव्यता को बनाए रखा है] सिर्फ आधुनिक ध्वनि और प्रकाश आदि की व्यवस्था की गयी है।