हिमांजलि

संस्थान द्वारा हिन्दी पत्रिका हिमांजलि का प्रकाशन वर्ष 2000 में प्रारम्भ हुआ। शुरुआत में इस पत्रिका का वर्ष में एक बार ही प्रकाशन किया जाता था मगर वर्ष 2013 में संस्थान ने इसे साल में दो बार प्रकाशित करने का निर्णय लिया। हिन्दी के प्रचार- प्रसार एवं संवर्द्धन की इस दिशा में हिमांजलि सतत प्रयासरत है। इस पत्रिका में मूलत: संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों, अध्येताओं एवं सह-अध्येताओं की मौलिक रचनाएं (आलेखनिबंधकविताकहानी पुस्तक एवं फिल्म समीक्षा आदि) प्रकाशित की जाती हैं मगर हिन्दी के दूसरे विद्वानों की रचनाओं को भी यथोचित स्थान दिया जाता है। इसके लिए समय- समय पर हिन्दी में लिखी हुई मौलिक व अप्रकाशित रचनाएं आमंत्रित की जाती हैं। इच्छुक लेखकों से अनुरोध रहता है कि  वे यूनिकोडचाणक्य तथा क्रुति देव में टाइप की हुई (वर्ड फाइल) अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएं rajbhasha@iias.ac.in पर मेल कर दें। एक लेखक की केवल एक ही रचना प्रकाशित की जाती है और अधिकतम शब्द सीमा 2000 शब्द है। प्रेषित की जाने वाली रचना के साथ लेखक को अपना पूर्ण परिचय तथा रचना के मौलिक व अप्रकाशित होने के बारे में प्रमाण-पत्र संलग्न करना होता है। प्राप्त रचनाओं को पत्रिका में सम्मिलित करने या न करने का अधिकार संपादक मण्डल के पास सुरक्षित रहता है। 

हिमांजलि 8वां अंक

हिमांजलि 9वां अंक

हिमांजलि 10वां अंक

हिमांजलि 11वां अंक

हिमांजलि 12वां अंक

हिमांजलि 13वां अंक

हिमांजलि 14वां अंक

हिमांजलि 15वां अंक

हिमांजलि 16वां-17वां अंक

हिमांजलि 18वां अंक

हिमांजलि 19वां अंक

हिमांजलि 20वां अंक